महासभा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मेश कुमार सिंह ने कहा कि संगठन का उद्देश्य एकता, स्वाभिमान, राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि EWS व्यवस्था से जुड़े नियम और प्रमाण-पत्र प्रक्रिया आम लोगों के लिए सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक होनी चाहिए, ताकि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
महासभा के युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने EWS पात्रता में कृषि भूमि की सीमा को लेकर मौजूदा मानकों पर पुनर्विचार की मांग की। उन्होंने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियां और कृषि व्यवस्था देश के कई अन्य राज्यों से अलग हैं। ऐसे में EWS पात्रता तय करते समय राज्य की स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
महासभा ने राजस्थान की तर्ज पर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष आयोग के गठन का सुझाव दिया। संगठन के मुताबिक आयोग EWS व्यवस्था से जुड़े नियमों, पात्रता और प्रमाण-पत्र प्रक्रिया का अध्ययन कर आवश्यक सुधारों को लेकर सरकार को सुझाव दे सकता है।
इसके साथ ही महासभा ने राजस्थान में गठित आयोग के रिक्त अध्यक्ष पद पर जल्द नियुक्ति करने की मांग भी उठाई। संगठन ने केंद्र और राज्य सरकार से EWS नियमों को अधिक सरल, न्यायसंगत और प्रभावी बनाने का आग्रह किया।
महासभा ने सामान्य वर्ग से जुड़े सामाजिक संगठनों से भी इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की है। संगठन का कहना है कि EWS व्यवस्था का लाभ वास्तविक रूप से पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए नियमों में व्यावहारिक सुधार जरूरी हैं।
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