आयोग ने रिपोर्ट तैयार करने से पहले प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण और जनसुनवाई की। शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 76 लाख OBC परिवारों का डेटा एकत्रित किया गया है। इस दौरान विभिन्न जिलों में लोगों से सुझाव और आपत्तियां भी ली गईं, ताकि आरक्षण का निर्धारण वास्तविक सामाजिक और जनसंख्या स्थिति के अनुरूप किया जा सके।
सरकार को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही प्रदेश में OBC आबादी से जुड़े आधिकारिक आंकड़े सामने आएंगे। इसके बाद राज्य सरकार आयोग की सिफारिशों पर निर्णय लेकर पंचायतों और शहरी निकायों में OBC आरक्षण की अंतिम रूपरेखा तय करेगी।
माना जा रहा है कि आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायतों और नगर निकायों के वार्डों एवं सीटों का आरक्षण तय होगा और इसके बाद चुनावी प्रक्रिया के तहत आरक्षित सीटों की लॉटरी भी निकाली जाएगी। ऐसे में प्रदेश में होने वाले स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की दिशा तय करने में यह रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.