नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने यह सम्मान राजस्थान की ओर से चिकित्सा शिक्षा विभाग की निदेशक डॉ. रश्मि गुप्ता, सोटो राजस्थान की संयुक्त निदेशक डॉ. चित्रा सिंह, आईईसी कंसल्टेंट डॉ. धर्मेश तथा अतिरिक्त निदेशक डॉ. ममता को प्रदान किया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इस उपलब्धि को पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अंगदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, प्रभावी जनसंपर्क अभियान चलाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक संवेदनशील एवं जनकेंद्रित बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का सबसे बड़ा मानवीय उपहार है और सरकार अधिक से अधिक लोगों को इस महाअभियान से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि यह सम्मान प्रदेश में विकसित मजबूत संस्थागत व्यवस्था, बेहतर समन्वय और जनभागीदारी का परिणाम है। चिकित्सा शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (SOTTO), चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से अंगदान जागरूकता अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
राज्य सरकार का लक्ष्य अब प्रदेश में अंगदान के प्रति जागरूकता को और अधिक बढ़ाना, पारदर्शी अंग प्रत्यारोपण व्यवस्था को मजबूत करना तथा अधिक से अधिक मरीजों को नया जीवन देने की दिशा में कार्य करना है। यह सम्मान न केवल राजस्थान की उपलब्धि है, बल्कि मानवता और जनसेवा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक माना जा रहा है।
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